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थोक कारोबार की मंडी वाले इलाके में अतिक्रमण और जाम ही बड़ा मुद्दा; इलाके में बेहतर शिक्षण संस्थान भी नहीं

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पटना4 घंटे पहले

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पटना साहिब विधान सभा क्षेत्र 2010 से पहले पटना पूर्वी विधान सभा कहलता था।

  • घाटों का सौंदर्यीकरण हुआ, मंगल तालाब में स्टेडियम और इंडोर स्टेडियम बने, गुलजारबाग में भी स्टेडियम का निर्माण हुआ

(मो. सिकन्दर/रमेश मिश्रा) पटना साहिब विधान सभा क्षेत्र 2010 से पहले पटना पूर्वी विधान सभा कहलता था। 2015 के विधानसभा चुनाव में नंद किशोर यादव ने कड़े मुकाबले में महागठबंधन के उम्मीदवार संतोष मेहता को 2792 वोट के मामूली अंतर से हराया था, पर इस बार चुनावी समीकण पिछले विधानसभा से अलग है।

कभी कांग्रेस का वोट बैंक कहे जाने वाले पटना साहिब विधानसभा क्षेत्र में 1995 से नंदकिशोर जब से विधायक बने, उस समय जो कांग्रेस का कुनबा टूटा आजतक नहीं जुड़ पाया। पटना साहिब इलाके में सभी चीजों की थोक व्यापारिक मंडी है। बावजूद यहां अतिक्रमण व जाम की समस्या है।

यही इस बार चुनावी मुद्दा भी है। व्यापारिक मंडी मारूफगंज, मंसूरगंज, महाराजगंज, मच्छरहट्टा, गुलजारबाग में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। इलाके में बेहतर शिक्षण संस्थान भी नहीं हैं। अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है। असर कारोबार पड़ता है। दक्षिण के क्षेत्र में बरसात के दिनों में होने वाला जलजमाव भी वोटरों की जुबान पर है।
मौसम चुनाव का लेकिन यहां वोटर अब भी खामोश
इस विधानसभा के वोटरों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। यहां चुनाव तीसरे चरण में 3 नवंबर को हैं। क्षेत्र की हालत यह है कि प्रत्याशी चाहे किसी भी दल या गठबंधन का हो, उसका मुकाबला मंत्री नंदकिशोर यादव से ही होगा।

लेकिन हर दल या गठबंधन के समर्थक अपने-अपने उम्मीदवार के जीत की बात कह रहे हैं। जातीय समीकरण का गुणा, भाग देकर अपना तर्क दे रहे हैं। समर्थकों में इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि कोरोना काल में वोटर वोट देने आएंगे या नहीं। वैसे ही शहरी इलाकों में वोटरों की उदासीनता हमेशा से रही है।

अगमकुआं व बाइपास पर आरओबी बनने से हालात बदले हैं
अशोक राजपथ के समानांतर भद्रघाट से कंगन घाट तक सात मीटर चौड़ी सड़क बनने से जाम से राहत मिली है। गंगा किनारे, अशोक राजपथ, सुदर्शन पथ तथा बाइपास पथ की अधिकतर सड़क जोड़ने से सहूलियत मिली है। अगमकुआं व बाइपास में आरओबी निर्माण तथा फोरलेन चौड़ा होने से हालात बदले हैं।

50 से अधिक सामुदायिक भवन बने। मंगल तालाब के चारों ओर चौतरफा विकास हुआ। वहीं, कंगन घाट व खाजेकलां घाट का भी सौंदर्यीकरण हुआ। मंगल तालाब में स्टेडियम व इंडोर स्टेडियम, गुलजारबाग में स्टेडियम का निर्माण हुआ। मंगलतालाब में लेजर शो तथा गुरु का बाग में प्रकाश पुंज पर्यटकों के लिए दर्शनीय हुआ। वर्ष 2017 में मने प्रकाश पर्व में भी पटना साहिब का चौमुखी विकास हुआ।
विकास का रखेंगे लेखा-जोखा: नंदिकशोर
पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव यादव कहते है कि पटना साहिब में हुए विकास कार्य दुनिया के सामने हैं। गुरु गोविंद सिंह महाराज के 350वें प्रकाश पर्व के बाद विकास का यह संदेश पूरे विश्व में गया है। अशोक राजपथ के जाम की समस्या का विकल्प भद्र घाट से लेकर दमराही घाट के बीच गंगा किनारे सड़क का निर्माण करा किया गया है। सड़कों का जाल बिछाया गया।

भाजपा के टिकट पर छह बार नंदकिशोर विधायक बने
1995 से 2015 तक लगातार छह बार नंदकिशोर जीते। 1957 व 1962 में जोहरा अहमद कांग्रेस से जीतीं। कांग्रेस से शरत जैन 1980 व 1985 में जीते। 1952 में कांग्रेस से नवाबजादा मेंहदी व 1972 में जमील अहमद जीते। रामदेव महतो जनसंघ के टिकट पर 1967 व 1969 में वहीं 1977 में जनता पार्टी से जीते। महताब लाल सिंह 1990 में जनता दल से जीते थे।
इस विधानसभा से अब तक की सबसे बड़ी जीत नंद किशोर यादव ने दर्ज की है। 2010 में उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार परवेज अहमद को 65,337 वोट से पराजित किया था। सबसे छोटी जीत 1980 में शरत कुमार जैन को मिली। 280 वोट से जीते थे।


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