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पशु शेड निर्माण का अब तक भुगतान नहीं रोजगार सेवक पर अवैध वसूली का आरोप

बथनाहा21 घंटे पहले

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  • मनरेगा योजना से बनने वाले पशु शेड की राशि के भुगतान में हो रही देरी से पशुपालक परेशान
  • मुखिया प्रतिनिधि ने कहा पंचायत रोजगार सेवक नहीं करते अब मेरा फोन रिसीव

पशु शेड निर्माण के तीन वर्ष बाद भी पशु पालकों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। मनरेगा योजना अंतर्गत बनने वाले पशु शेड की राशि के भुगतान में हो रही देरी से पशुपालक अब परेशान नजर आ रहे हैं। बथनाहा ओपी क्षेत्र के भंगही पंचायत में वित्तीय वर्ष 2017-18 व 2018-19 में निर्मित पशु शेड का भुगतान पंचायत रोजगार सेवक व इंजीनियर की लापरवाही के कारण अबतक नहीं किया जा सका है। जबकि इस योजना के तहत पंचायत में दो दर्जन से अधिक लोगों न पशु शेड का निर्माण कार्य कराया है। मुखिया प्रतिनिधि अजय साह कहते है कि पंचायत तकनीकी सहायक व कनीय अभियंता मनरेगा द्वारा न तो एमभी बुक किया गया है और न ही मापी पुस्तक का ही अबतक निर्धारण किया गया है। मुखिया प्रतिनिधि ने पंचायत रोजगार सेवक पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अब मेरा फोन भी रिसीव नहीं करते है।

आवेदन ने भी की गई हेराफेरी
2017-18 में मनरेगा योजना अंतर्गत पशु शेड निर्माण के लिए पशुपालकों द्वारा ऑनलाइन आवेदन दिया गया। जिसकी इन्ट्री भी की गई। लेकिन डाटा एंट्री ऑपरेटर के मिलीभगत से भंगही पंचायत के लाभार्थी का नाम पंचायत के लॉगइन से हटा दिया गया। इसी बीच भंगही पंचायत की योजना को दूसरे पंचायत में हस्तांतरित कर दिया गया। जिसकी जानकारी भंगही पंचायत के मुखिया चांदनी देवी ने पत्रांक -178, दिनांक : 13.6 .2019 के द्वारा कार्यक्रम पदाधिकारी नरपतगंज को साक्ष्य के साथ दिया। जिसमें यह साफ-साफ उल्लेख किया गया कि भंगही पंचायत के पशुपालकों के स्वीकृत वर्क कोड के स्थान पर मिरदोल पंचायत के पशु पालक का नाम जोड़ दिया गया है। जिसमें भंगही पंचायत के रामानंद यादव के वर्क कोड संख्या 0541001007 /1एफ/20284097 के स्थान पर मिरदोल पंचायत वार्ड संख्या-13 के तेज नारायण यादव को दिखाया गया है। जबकि रामानंद यादव का आवेदन 20 अक्टूबर 2018 को तथा तेज नारायण यादव का आवेदन 13 जून 2019 को स्वीकृत किया गया है।

भुगतान के लिए वसूली की तैयारी
पंचायत के अधिकांश पशु पालकों ने पंचायत रोजगार सेवक पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए कहा कि पशु शेड की राशि भुगतान के लिए प्रति पशु पालक से 500 से 1000 रुपए तक कि राशि ले ली गई है। बावजूद इसके अबतक भुगतान नहीं किया गया है वही एक पशु पालक ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि पशु शेड की राशि भुगतान करने के लिए स्वीकृत राशि में से आधे से भी अधिक राशि कि मांग की जा रही है। जबकि भंगही पंचायत के कमलेश्वरी यादव, मंटू कुमार राय, सुनील कुमार यादव, कमल साह, रामदेव साह सत्तन साह आदि का भुगतान नहीं हुआ है।

प्रतिनिधि ने दिखाया हेराफेरी का साक्ष्य
बड़े पैमाने पर डाटा एंट्री ऑपरेटर के द्वारा हेराफेरी का साक्ष्य दिखाते हुए मुखिया प्रतिनिधि अजय साह ने कहा कि पुनः इस योजना का प्राक्कलन तैयार कराकर वित्तीय वर्ष 2019-20 में पुनः भेजा गया है। विलंब के बावजूद भी पशुपालकों को भुगतान नहीं किया गया है। योजना के तहत गरीबों को अपना आय बढ़ाने के लिए पशु शेड ,बकरी शेड ,सुअर शेड ,बर्मी कम्पोस्ट इत्यादि का निर्माण किया जाना है।

इस वर्ष अबतक साइट नहीं खुलने से भुगतान नहीं हो पाया है

पिछले वर्ष भी तीन वर्ष के बाद मेटेरियल भुगतान के लिए साइट खुला था लेकिन इस वर्ष अबतक साइट नहीं खुला है जिस कारण भुगतान नहीं हो पाया है । प्रमोद प्रियदर्शी, पीओ ,मनरेगा नरपतगंज

जो पशु पालकों द्वारा मानक मापदंड का पालन किया है उनका भुगतान होगा

जिन-जिन पशु पालकों द्वारा मानक मापदंड का पालन करते हुये पशु शेड का निर्माण किया गया है। उनका निश्चित रुप से एमभी बुक किया जाएगा।
-निरंजन यादव, कनीय अभियंता


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