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प्लुरल्स ने जारी की फर्स्ट फेज के प्रत्याशियों की सूची, जाति में लिखा उनका पेशा तो धर्म बिहारी बताया

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  • Bihar Election 2020; Plurals Party Candidates First List Announcement Updates | Here’s Latest News From Pushpam Priya Choudhary

पटना11 मिनट पहले

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प्लुरल्स पार्टी द्वारा जारी की गई फर्स्ट फेज के प्रत्याशियों की सूची, जिसमें जाति में पेशा और धर्म बिहारी बताया गया है।

  • 40 प्रत्याशियों की पार्टी ने सूची जारी की, सभी प्रत्याशी साफ-सुथरी छवि वाले
  • सीएम पद की उम्मीदवार पुष्पम प्रिया चौधरी जाति और धर्म की जगह प्रत्याशियों के काम को दे रहीं बढ़ावा

रातोंरात अखबार में इश्तेहार के जरिये बिहार की राजनीति में दस्तक देने वाली पुष्पम प्रिया चौधरी की पार्टी प्लुरल्स ने रविवार को बिहार चुनाव के फर्स्ट फेज के प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। सूची में प्रत्याशियों की जाति के स्थान पर पेशा और धर्म बिहारी बताने की चर्चा हर जगह है। सोशल साइट पर इस सूची को जबरदस्त तरीके से शेयर किया जा रहा है। पार्टी ने जिन 40 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, वह अपने-अपने क्षेत्र के मास्टर ब्लास्टर हैं।

इसमें सबसे अधिक सामाजिक मुद्दों पर काम करने वाले एक्टिविस्ट, डाक्टर और अन्य लोग हैं। इनमें से कोई भी प्रत्याशी किसी पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं है। यानि पार्टी साफ-सुथरी छवि वाले प्रत्याशियों के बल पर चुनाव लड़ना चाह रही है।

राजनीतिक विशेषज्ञ इसे बिहार में चुनाव की नई स्ट्रैटजी मान रहे हैं, जिसे दिल्ली के अरविंद केजरीवाल माडल से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा पुष्पम ठेठ बिहारी वाले इमेज को भी भुना रही हैं, जिसे पीएम मोदी के लोकल फार वोकल के जरिये वोट की नीति भी समझा जा रहा है।

जाति का नहीं पता धर्म है बिहारी
पार्टी ने साफ सुथरी छवि वाले प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। सूची में इनकी जाति में इनका पेशा दिखाया गया है तो वहीं धर्म बिहारी बताया गया है। मतलब साफ है कि पार्टी बिहार में जाति औऱ धर्म के आधार पर चुनाव नहीं लड़ना चाह रही है। पार्टी ने ऐसे 40 प्रत्याशियों की सूची जारी की है। इसमें कहलगांव विधानसभा क्षेत्र से विजय कुमार को प्रत्याशी बनाया गया है। उनकी जाति प्रोफेसर और धर्म बिहारी बताया गया है। सुल्तानगंज से किरण को प्रत्याशी बनाया गया। इनकी जाति सोशल एक्टिविस्ट बताते हुए धर्म बिहारी बताया गया है। अमरपुर से अजय को प्रत्याशी बनाया गया है। इनकी जाति डॉक्टर है और धर्म बिहारी। धौरैया विधानसभा सीट से पूजा कुमारी को पार्टी ने टिकट दिया है। इनकी जाति सोशल एक्टिविस्ट है और धर्म बिहारी है। बांका से श्रीकांत सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है। इनकी जाति रिटायर्ड नौ सैनिक और धर्म बिहार बताया गया है। कटौरिया से सुषमा प्रत्याशी है इनकी जाति ग्रास रुट एस एच जी और धर्म बिहारी बताया गया है। बेलहर से स्वाति प्रत्याशी हैं जिनकी जाति सोशल एक्टिविस्ट और धर्म बिहारी है। बिहार में जातिगत आधार पर चुनाव लड़े जाते रहे हैं ऐसे में पार्टी का ये फार्मूला कितना हिट होता है, यह देखने लायक होगा।

पुष्पम प्रिया चौधरी मिथिला की हैं। पीएम मोदी की तर्ज पर ये चुनाव प्रचार में लोकल पुट वाली राजनीति साध रही हैं। इसलिए ये जहां जाती हैं वहां की महिलाओं से खोंयछा जरूर लेती हैं।

पुष्पम प्रिया चौधरी मिथिला की हैं। पीएम मोदी की तर्ज पर ये चुनाव प्रचार में लोकल पुट वाली राजनीति साध रही हैं। इसलिए ये जहां जाती हैं वहां की महिलाओं से खोंयछा जरूर लेती हैं।

खोंयछा से लोकल बन वोट जुटाने की कोशिश
बिहार से चुनाव लड़ना है तो बिहारीपन दिखाना होगा। पुष्पम प्रिया चौधरी भी ऐसे ही हथकंडे अपना रही हैं। पीएम मोदी की तर्ज पर ये वोटरों से लोकल पुट वाली राजनीति साध रही हैं। मिथिलांचल से ताल्लुक रखने वाली पुष्पम ‘खोंयछा’ से महिला वोटरों का हाथ मांग रही हैं। सोशल मीडिया पर खोंयछा लेते हुए कई तस्वीरें इनकी वायरल हो रही है। इसको लेकर उन्होंने अपने वाल पर लिखा है खोंयछा मेरी राजनीति की जमापूंजी है। सब नौकरी पाए, सब अमीर बनें, सब आगे बढ़े। मिथिला में खोंयछा को सौभाग्य का द्योतक माना जाता है। जब बेटियां घर से बाहर आती हैं या फिर कहीं से घर आती हैं तो परिवार की सुख समृद्धि के लिए उन्हें खोंयछा दिया जाता है। हालांकि यह विवाहिताओं को देने की परंपरा रही है लेकिन इसके सार में बेटियों की सुख-समृद्धि और विकास ही है। मान्यताओं के अनुसार खोंयछा में अगर बेटियों को अन्न का एक दाना और एक सिक्का भी दे दिया जाए तो ये समृद्धि का द्योतक माना जाता है। पुष्मम खोंयछा जैसी लोकसंस्कृति को अपने प्रचार अभियान में भुना रही हैं।चुनावी दौरे में वह जहां भी जा रही हैं वहां वह महिलाओं से आर्शीवाद के रूप में खोंयछा ले रही हैं।

दिल्ली के मॉडल पर बिहार में बदलाव
पुष्पम प्रिया चौधरी की पार्टी प्लुरल्स की टीम जिस तरह से काम कर रही है, उसमें दिल्ली के अरविंद केजरी वाल का मॉडल दिख रहा है। अरविंद
केजरीवाल की पार्टी भी ऐसे साफ सुथरे चेहरे वालों के सहारे दिल्ली की सत्ता में आई थी। बिहार में भी ऐसे ही काम किया जा रहा है। राजनीतिक
विषयों पर काम करने वाले सुनील सिन्हा बताते हैं कि अब कई पार्टियां इसी को आधार बनाते हुए पत्याशी खड़ी कर रही हैं। उनका कहना है कि
जनता जाति और धर्म की राजनीति से उब चुकी है, वह बदलाव चाहती है। ऐसे में साफ सुथरी छवि के लोगों को साथ लेकर कुछ पार्टियां दिल्ली का
मॉडल तैयार रही हैं। पुष्पम प्रिया चौधरी की पहली सूची भी ऐसी ही है।

लेखक ः मनीष मिश्रा


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