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मंत्री का गलत GK: कृषि मंत्री बोले- इकबाल बंटवारे के बाद पाक चले गए थे, जदयू के नेताओं ने जानकारी दी- उनका इंतकाल तो 1938 में हो गया था

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पटना8 मिनट पहले

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कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने विधान परिषद् में कहा कि इकबाल बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए थे। - Dainik Bhaskar

कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने विधान परिषद् में कहा कि इकबाल बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए थे।

बिहार विधान परिषद् में मंगलवार को बजट सत्र का आठवां दिन भी शोरशराबे भरा रहा। कई मुद्दों पर हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्यों और सत्ता पक्ष के नेताओं के बीच बहस और नोक-झोंक भी हुई। भारत के मशहूर शायर और सारे जहां से अच्छा कविता लिखने वाले मोहम्मद इकबाल के नाम पर एक दिलचस्प वाकया भी देखने को मिला। विधान परिषद् में बात अल्पसंख्यक की योजनाओं पर हो रही थी। अल्पसंख्यक कल्याण के बजट पर चर्चा थी। सत्ता पक्ष के गुलाम गौस नीतीश सरकार की तारीफ कर रहे थे तो कांग्रेस के प्रेमचंद मिश्रा आलोचना करने में लगे थे। और भी कई पार्षद इस चर्चा में शामिल हो गए। इसी क्रम में मशहूर शायर इकबाल की भी चर्चा हुई। तभी वरिष्ठ नेता और कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह खड़े हुए और कहा कि सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा.. लिखने वाले इकबाल का जन्म भारत में हुआ लेकिन बंटवारे के बाद वे पाकिस्तान चले गए।

अमरेन्द्र प्रताप का यह कहना था कि सदन में विरोध शुरू हो गया। तब जदयू के नेताओं ने भाजपा कोटे के मंत्री को इकबाल पर सामान्य ज्ञान की सही जानकारी दी। सत्ता पक्ष के खालिद अनवर और तनवीर अहमद ने कहा कि इकबाल का निधन तो आजादी के पहले ही हो गया था। उनका इंतकाल तो 1938 में ही हो गया था। इसका कोई जवाब अमरेन्द्र प्रताप सिंह नहीं दे पाए। इस पर विरोधी दल भी मेज थपथपाने लगे।
इसी शोर के बीच जदयू के वरिष्ठ नेता गुलाम गौस ने इकबाल का शेर पढ़ा-
है राम के वजूद से हिन्दुस्तां को नाज
अहले वतन समझते हैं उनको एमाम-ए- हिंद।

कांग्रेस के प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि उर्दू सरकारी जुबान है उसे सेकेन्ड्री स्कूल में मुख्य विषय से ऐच्छिक विषय बना दिया गया। आधे से अधिक कब्रिस्तान की घेराबंदी नहीं की गई। टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में एक भी उर्दू शिक्षक नहीं हैं। पुलिस थानों में उर्दू जानकर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किशनगंज में अब तक AMU दो कमरे में चल रहा है। उसके लिए नीतीश सरकार ने केंद्र से कभी राशि नहीं मांगी। प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि भाजपा के एजेंडे पर चलकर माइनॉरिटी की भलाई की बात सरकार नहीं कर सकती। MLC गुलाम गौस ने भी कहा कि 8000 कब्रिस्तान में 6000 की घेराबंदी की गई है। सत्ता पक्ष के संजीव श्याम सिंह ने अल्पसंख्यकों के लिए किए कार्यों को गिनाया।

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