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रोजगार, सड़क और पर्यटन क्षेत्र की उपेक्षा भी हैं चुनावी मुद्दे, पानी निकासी पर हो चुका है बवाल

मुजफ्फरपुर4 घंटे पहले

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दामोदरपुर में जलजमाव का मुद्दा जोर पकड़ने लगा हैं। क्षेत्र के मो. रियाज कहते हैं कि बड़ा इलाका जलजमाव से त्रस्त है।

  • पिछले चुनाव में था त्रिकोणीय मुकाबला; इस बार भी यही संभव थर्मल के जहरीले धुएं में खो गए 24 घंटे बिजली मिलने के वादे

(शिशिर कुमार) कांटी में राजनीतिक सरगर्मी उफान पर है। पिछले चुनाव में यहां त्रिकोणीय मुकाबला था। इस बार भी ऐसी ही संभावना है। एनडीए में कांटी से जदयू ने मो. जमाल को टिकट दिया है। पूर्व मंत्री इंजीनियर अजीत कुमार ने निर्दलीय लड़ने का ऐलान किया है। वहीं, ऐलान के मुताबिक लोजपा भी अपना उम्मीदवार कांटी से उतारेगा। लेकिन जीतेगा कौन, इन अटकलबाजियों के बीच यहां स्थानीय मुद्दों-समस्याओं पर बहस तेज हो गई है।

कांटी थर्मल से निकलते जहरीले धुएं, 24 घंटे बिजली मिलने के वायदे की चर्चा गली से लेकर हाई वे किनारे की दुकानों तक होने लगी है। इलाके में थर्मल के जहरीले पानी से लीची की फसल व कृषि प्रभावित होने, जलस्तर नीचे जाने, चर्म रोग के साथ रोजगार, सड़क और पर्यटन क्षेत्र का विकास न होने का मुद्दा स्थानीय लोगों की जुबां पर है। थर्मल का मुद्दा पहले भी उठता रहा है लेकिन समाधान नहीं हुआ।

सेरना के संजय ठाकुर कहते हैं- करार में था कि थर्मल खुलने पर कांटी को 24 घंटे बिजली मिलेगी। आय का 2 प्रतिशत क्षेत्र के विकास पर खर्च होगा। युवाओं को रोजगार मिलेगा। लेकिन, पास के गांवों में भी मुश्किल से 16-18 घंटे बिजली मिलती है। जहरीले पानी से वार्ड-2,3, 13, 14 काफी प्रभावित है।

किशुनगर के अवधेश, रतन झा कहते हैं कि कोई फैक्ट्री नहीं लगी, जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके। हाईवे किनारे के दुकानदार मुकेश ठाकुर कहते हैं- शेरुकाही मजार, कोठिया मजार की प्रसिद्धि राज्य और देश तक है। साल में दो बार मेला लगता है, जिसमें सऊदी अरब तक से लोग आते हैं।

लेकिन, पर्यटन क्षेत्र के रूप में कोई विकास नहीं हुआ। कांटी कुशी को बुद्ध से जोड़कर देखा जाता है। मनीष कहते हैं- बौद्ध काल का टेराकोटा, सिक्के मिलने के बाद इसे बौद्ध सर्किट से जोड़ पर्यटन केंद्र बनाने का वादा अधूरा है। पिछले चुनाव में अशोक कुमार चौधरी निर्दलीय जीते थे। अब जदयू में है और क्षेत्र बदल गया है।

दामोदरपुर में जलजमाव बना मुद्दा, समाधान नहीं तो वोट नहीं
दामोदरपुर में जलजमाव का मुद्दा जोर पकड़ने लगा हैं। क्षेत्र के मो. रियाज कहते हैं कि बड़ा इलाका जलजमाव से त्रस्त है। ड्रेनेज सिस्टम विकसित कर पानी फरदो में गिराने की बात हुई थी। शहर के पानी के निकासी को लेकर कई बार बवाल हो चुका है। अब समाधान नहीं तो वोट नहीं आवाज उठने लगी है।
विधायक बोले: पिछले 5 वर्ष में कांटी के विकास के लिए काफी काम किया। घर-घर बिजली पहुंचाई गई। हर घर नल का जल पहुंचाने के साथ ग्रामीण इलाकों तक पहुंचने के लिए कई सड़कों का निर्माण करवाया।

सीट का इतिहास: इस सीट से तीन उम्मीदवार 3-3 बार चुनाव में विजयी रहे। पहले चुनाव के बाद लगातार 1951-62 तक कांग्रेस के जमुना प्रसाद त्रिपाठी, 1980 से 90 तक नलिनी रंजन सिंह, 2005 से 10 तक दो बार अजीत कुमार जीते। वहीं, 1967 में महेश प्रसाद सिन्हा, 1969 में हरिहर प्रसाद शाही, 1972 में शंभू शरण ठाकुर, 1977 में ठाकुर प्रसाद सिंह, 1995 में मुफ़्ती मो. कासिम और 2000 में गुलाम जिलानी वारिसी चुनाव जीते। जबकि, 2015 में निर्दलीय अशोक कुमार चौधरी की जीत हुई।


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