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वोट दें, बकरा और नूना नदी के कटाव का निदान निकाल दूंगा…

सिकटी21 घंटे पहले

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तीरा हाट पर आज भी झोपड़ी बनाकर रह रहे विस्थापित परिवार।

  • इस फार्मूले से लोग वाकिफ हो चुके हैं, नेता कोई नया तरीका निकालें, समस्या अब भी है, इस चुनाव में झूठा वादा कर निराश न करें
  • सिकटी वासियों को आश्वासन तो दे दिया जाता है, पर आज तक निदान नहीं निकाला गया

हर बार लोकसभा व विधानसभा चुनाव में नेताओं द्वारा बकरा व नूना नदी के बाढ़ व कटाव का स्थाई निदान कराने का आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन सिकटी वासियों को आज तक बकरा व नूना नदी से बाढ़ और कटाव का स्थाई निदान नहीं निकल पाया। जिस कारण हर वर्ष सैकडों एकड़ में लगी किसानों की फसल बर्बाद होती है। साथ ही प्रति वर्ष दर्जनों परिवारों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ता है। इस बार विधानसभा के चुनावों का तारीखों का ऐलान हो गया है। संभावित उम्मीदवार बाढ़ पीडितों से मिलकर आश्वासन दे रहे हैं कि हमें वोट देकर विधानसभा में भेजिए। बकरा और नूना नदी के कटाव से स्थाई निदान निकाल दूंगा। यहां बता दें कि इससे पूर्व में पूर्व सांसद स्व. तस्लीम उद्दीन ने भी महानंदा बेसीन परियोजना के तहत बकरा और नूना नदी के बाढ़ और कटाव से स्थाई निदान निकालने के लिए कई सभाओं को संबोधित करते हुए कहा था। इसके अलावा अररिया सांसद वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में तीरा गांव में बकरा व स्थाई नदी के बाढ़ और कटाव से स्थाई निदान निकालने का आश्वासन दिया था। सिकटी के निवर्तमान विधायक भी कई सभाओं को संबोधित करते हुए इन नदियों से होने वाले तबाही का स्थाई निदान निकालने की बात कहीं थी। अब फिर से विधानसभा चुनाव सर पर है नेताओं द्वारा आश्वासन का दौर फिर से शुरू हो गया है।

आज भी तीरा हाट में लोग झोपड़ी में करते हैं गुजारा
तीरा खारदह के ग्रामीण पूर्व पंसस रामसेवक सरदार, वार्ड सदस्य विवेक कुमार, सुमन कुमार, अरविंद कुमार, संजीव कुमार, अनिल मिश्र, विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल, पूर्व उप प्रमुख दिनेश्वर मंडल, राजकुमार झा, भवेश राय, प्रमोद राय, पिताम्बर राय, मजरख के मुखिया रमेश यादव, जितेंद्र महतो सहित आदि ग्रामीणों ने बताया कि पहले बकरा नदी कुर्साकांटा सैतान चौक कब्रगाह के पास से होकर बहा करती थी। 80 के दशक के बाद धीरे-धीरे बकरा नदी तीरा खारदह, पड़रिया की तरफ कटाव करते-करते तीरा खारदह पड़रिया की तरफ बहना शुरू हो गई। जब बकरा नदी ने इन गांव के तरफ रूख किया तो सैकडों परिवारों को विस्थापित होना पड़ा। लगभग आठ दस वर्ष पूर्व तीरा गांव में दर्जनों परिवार विस्थापित हुए जो तीरा हाट पर शरण लिए हुए थे। सरकारी स्तर पर विस्थापित परिवारों को जमीन देकर बसाने का काम तो किया गया, लेकिन अभी भी चार विस्थापित परिवार तीरा हाट पर शरण लिए हुए हैं। वहीं पड़रिया घाट पर बकरा नदी ने ऐसा विकराल रूप धारण कर लिया है लगता है कि मानों कोई रेगिस्तान हो। बीस करोड़ की लागत से बना पुल बर्बाद हो गया। हर वर्ष लोग विस्थापित हो रहे हैं। वहीं पीरगंज पुल के पास सीमा सड़क बकरा नदी के कटाव के जद में है तथा डैनिया गांव में बकरा नदी काल बनकर लोगों के घर को अपने में समा रही हैं।

नूना नदी में हर वर्ष आठ से दस बार आती है बाढ़
नूना नदी में हर वर्ष बरसात के दिनों में आठ से दस बार बाढ़ आती है। राजद नेता अशफाक आलम, फकरूद्दीन, अहमद राजा, फरमान अली, राजेश यादव, सुजीत साह, किष्ण देव सिंह, नाजीम, जैनूद्दीन, सहित दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि नूना नदी हर बार बरसात के दिनों में आठ से दस बार उफनाती है। तथा दर्जनों परिवारों का घर व सैकडों एकड़ में लगी फसल व सड़कों को तहस नहस कर चली जाती है, दहागमा व पड़रिया पंचायत को टापू बना देता है एक गांव से दूसरे गांव जाने के लिए नाव ही एक मात्र सहारा रहता है। इन लोगों ने बताया कि जब बरसात शुरू होती है तब प्रशासन को तठबंध मरम्मत करने का काम करती है, तटबंध मरम्मत के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपए का बंदरबांट किया जाता है, लेकिन जब नदी सूख जाती है, तो प्रशासन सो जाता है।

जितनी नदियां है, वहां बांध बनेगा
बाढ़ और कटाव के मामले को लेकर हमने संसद में मामला उठाया था, जिस पर केन्द्रीय जांच टीम द्वारा जांच भी की गई है। उन्होंने बताया कि जांच टीम बरसात के बाद फिर जांच टीम द्वारा जिले की सभी नदियों की जांच करेंगे। उन्होंने बताया जिले में जितने भी नदियां है सभी नदियों बगल में बांध बना कर जोड़ा जायेगा। जिससे अररिया जिले से बाढ़ व कटाव से निजात मिल जायेगी।
प्रदीप कुमार सिंह, सांसद, अररिया

सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी
सड़कों से पानी घटने के बाद जितने भी सड़क ध्वस्त हुई हैं सभी सड़कों का संबंधित विभाग द्वारा मरम्मत कराई जाएगी। क्योंकि सात नवंबर को मतदान होना है, इसके लिए मतदान केंद्रों पर पुलिस बल व पेट्रोलिंग पार्टी को जाने में कोई परेशानी न हो। इसके लिए जिला में लीखित तौर पर दे दिया गया है।
राकेश कुमार ठाकुर, बीडीओ

विस्थापितों को प्लास्टिक दिया गया
जीतने भी परिवारों का घर बकरा व नूना नदी से विस्थापित हुआ सभी को तत्काल प्लास्टिक उपलब्ध करा दिया गया है। जिन लोगों का घर इन दिनों नदियों विलीन हुए हैं घर के क्षति पूर्ती के लिए जिला को लिखा गया है।
विरेन्द्र कुमार सिंह, सीओ


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