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हमारा दिमाग औसतन 47% समय भटकता रहता है; पढ़ाई और काम पर फोकस बढ़ाने के लिए करें मेडिटेशन, शेड्यूल बनाते वक्त 4 बातों का रखें ध्यान

19 मिनट पहले

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  • एक स्टडी में पाया गया है कि पढ़ाई के दौरान टीनएजर्स फोन को जितना दूर रखेंगे, उतने ज्यादा बेहतर मार्क्स मिलेंगे
  • हर ईमेल और मैसेज को पढ़ने के बजाए दिन में इनके लिए एक समय तय कर दें, वेबसाइट ब्लॉकर हो सकते हैं मददगार

कैरन ऑस्टन गर्जबर्ग. घर में काम करते वक्त, पढ़ाई के समय या ऑफिस में काम करते हुए भी कई बार हम दूसरी चीजों के बारे में सोच रहे होते हैं। 2010 में आई हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी बताती है कि एक व्यक्ति का दिमाग औसतन 47% समय भटकता रहता है। इसके साथ ही दिमाग को अपनी जगह से भटकाने वाली चीजों में महामारी के दौरान इजाफा भी हुआ है।

ऐसे में किसी भी काम पर फोकस करना ही हमारी मदद कर सकता है। इसके जरिए आपका दिमाग ध्यान भटकाने वाली चीजों को नजरअंदाज करना सीखता है। इस काम में एक्सपर्ट्स की बताई हुई कुछ टिप्स आपकी मदद कर सकती हैं।

ध्यान भटका रहीं चीजों से खुद को दूर कैसे करें?

  • हाल ही में हुए एक सर्वे से पता चला है कि घर में काम कर रहे लोगों के मन को भटकाने में सोशल मीडिया का बड़ा हाथ है। इसके बाद बच्चों का नंबर आता है। आप ऐप्स की नोटिफिकेशंस को बंद कर सोशल मीडिया से लगातार हो रही परेशानियों से निजात पा सकते हैं। अगर आपको ऐसा करना सही नहीं लगता है तो खुद पर कंट्रोल करने की कोशिश करें।
  • हालांकि, इसपर शिक्षा से जुड़े लोगों को शोधकर्ताओं से जोड़ने वाली कैरेक्टर लैब की फाउंडर और साइंटिफिक डायरेक्टर एंजेला डकवर्थ कहती हैं, “विल पॉवर बहुत ही सीमित संसाधन होता है और हम इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करना नहीं चाहते। ऐसे में सबसे अच्छा यही है कि हम ऐसा माहौल तैयार करें, जहां ध्यान भटकना मुश्किल हो जाए।”
  • टीनएजर्स में सेल्फ कंट्रोल को लेकर की गई अपनी रिसर्च में एंजेला ने पाया कि पढ़ाई करते वक्त बच्चे जितना दूर अपने फोन को रखेंगे, उतना ही ज्यादा उनके नंबर आएंगे। इसके अलावा आप अपने फोन में वेबसाइट ब्लॉकर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बच्चों के मामले में “इंडिस्ट्रेक्टेबल” किताब के लेखक नीर इयाल ऐसे संकेत लगाने की सलाह देती हैं, जिससे बच्चों को पता लग जाए कि माता-पिता को परेशान नहीं करना है।

शेड्यूल को लेकर ईमानदार रहें
आजकल फोकस बढ़ाने का मतलब दिन को ठीक तरह से प्लान करना हो गया है। दिन की शुरआत और खत्म होने का समय तय करें और इस दौरान किसी और काम को रोक दें। टू-डू लिस्ट बनाने के बजाए इयाल टाइमबॉक्स कैलेंडर के इस्तेमाल की सलाह देते हैं।

इयाल कहते हें कि “क्योंकि हमारे पास दिन में केवल 24 घंटे होते हैं, एक टाइम बॉक्स कैलेंडर आपको चीजों की प्राथमिकता तय करने के लिए मजबूर करेगा।” उन्होंने बताया “टाइम बॉक्स कैलेंडर की मदद से हमारा मकसद किसी भी काम को पूरा करना नहीं है। हमारा मकसद है कि काम को बिना ध्यान भटकाए लंबे समय तक कर सकें।”

शेड्यूल बनाने में यह तरकीबें कर सकती हैं हमारी मदद

  1. मीटिंग: हर मीटिंग के लिए एजेंडा तैयार करें, ताकि आपको और दूसरों को यह पता लग जाए कि इसमें कितना वक्त लगेगा और इस मीटिंग के जरिए क्या हासिल करना चाह रहे हैं।
  2. सोशल मीडिया: हर ईमेल को पढ़ने के बजाए दिन में दो-तीन बार इन्हें देखने का समय तय कर लें। इसी तरह आप काम के बीच निजी फोन कॉल और दूसरे जरूरी कामों के लिए समय निकाल सकते हैं।
  3. खुद को रिचार्ज करें: इंटरनेशनल जर्नल ऑफ स्ट्रेस मैनेजमेंट में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, लगातार फोकस रहने के कारण छोटा ब्रेक लेना जरूरी हो जाता है। काम के दौरान बीच में बिना फोकस वाले शेड्यूल ब्रेक के लिए समय निकालें।
  4. एक्सरसाइज: एक्सरसाइज के लिए समय निकालना फोकस, मेमोरी और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने का अच्छा तरीका माना जाता है। एक ब्रिटिश स्टडी में पता चला है कि जिन कर्मचारियों ने जिस दिन एक्सरसाइज की, उस दिन उनकी एकाग्रता में 21% और प्रोत्साहन में 41% इजाफा हुआ।

खुद की जांच भी करें
इयाल का कहना है, “अधिकांश समय हमारे फोकस होने का कारण किसी भी तरह की असहजता, जैसे- तनाव, अकेलापन, चिंता या बोरियत से बचना होता है।” अगर ज्यादा न्यूज देखना या पढ़ना आपकी चिंता या घबराहट को बढ़ाता है तो अपना समय सीमित कर दें। अगर आपको अकेलापन महसूस हो रहा है, तो परिवार के लोगों से बात करने का समय तय करें।

वर्तमान में रहने के लिए ध्यान लगाना आपकी मदद कर सकता है। इसके अलावा ब्राउन यूनिवर्सिटी के माइंडफुल सेंटर में रिसर्च के निदेशक और यूनिवर्सिटी के मेडिकल स्कूल में साइकेट्री के एसोसिएट प्रोफेसर जडसन ब्रियुवर 20 मिनट के लिए फोन को दूर रखने के प्रयोग करने की सलाह देते हैं। इसके बाद खुद से पूछें कि आप कितना फोकस रह सकते हैं और ऐसा करने से कैसा महसूस होता है। ध्यान लगाने के लिए आप कई ऐप्स का भी सहारा ले सकते हैं।


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