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80 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं को बैलेट पेपर के लिए आवेदन करने नहीं जाना होगा, घर आएगी टीम

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पटना11 मिनट पहले

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मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील कुमार अरोड़ा ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया।

  • कोरोना के साथ सोशल मीडिया बड़ी चुनौती, होगी टू लेयर निगरानी, अफवाह उड़ी तो खैर नहीं
  • चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो विशेष ऑब्जर्वर तैनात किया

बिहार विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग ने कोरोना के साथ-साथ सोशल मीडिया को बड़ी चुनौती के रूप में लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के लिए आयोग ने टू लेयर मॉनीटरिंग की व्यवस्था बनाई है। ऐसे प्लेटफॉर्म से कोई भी अफवाह उड़ाने या फिर चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करने का प्रयास करेगा तो उसकी पहचान आसानी से कर ली जाएगी।

ऐसे आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए भी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। दो दिवसीय दौरे पर आई भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने गुरुवार को यह बात साफ कर दिया है कि तकनीक काफी हाईटेक है और माहौल बिगाड़ने के लिए जाति व धर्म को आधार बनाने वालों को ट्रैक कर कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव आयुक्त ने कोरोना से डरें नहीं, बचाव के साथ करें मतदान
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील कुमार अरोड़ा ने कोरोना की चुनौतियों को लेकर कहा कि इससे डरें नहीं, सावधानी से मतदान करें। उन्होंने कहा चुनाव पर इसका असर नहीं पड़ेगा। कोविड 19 की गाइडलाइन को लेकर उन्होंने कहा कि नेताओं के साथ आम मतदाताओं को भी इसका पालन करना होगा, जिससे संक्रमण को चुनौती देते हुए बिहार देश में अपनी अलग पहचान बनाए।

उन्होंने कहा कि कोरोना ने माहौल बिगाड़ दिया है और चुनाव में भी बहुत सारे नए शब्द जुड़ गए हैं। वर्चुअल रैली, वर्चुअल बैठक के साथ अन्य कई शब्द शामिल हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि कोरोना से चुनाव को लेकर समस्या आएगी। कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए प्रत्याशियों को छूट दी गई है कि वे दो गज की दूरी बनाकर चुनाव प्रचार कर सकेंगे। निगरानी के लिए संबंधित जिले के डीएम एसपी लगाया गया है।

अक्षम मतदाताओं के आवेदन के लिए घर जाएगी टीम
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील कुमार अरोड़ा ने कहा कि 80 साल के उम्र और शारीरिक रूप से अक्षम मतदाताओं को पोस्टल बैलेट से मतदान करना है। इसके लिए उन्हें आवेदन करने नहीं जाना होगा। आवेदन के लिए टीम संबंधित मतदाता के घर जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी कहा है कि मतदाताओं को कोई समस्या नहीं होगी क्योंकि पूरी पारदर्शिता के साथ टीम को इस काम में लगाया गया है।

बिहार के लिए दो विशेष ऑब्जर्वर तैनात
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए दो विशेष ऑब्जर्वर को तैनात किया जा रहा है। दोनों ऑब्जर्वर पूर्व में कई प्रदेशों में चुनाव के लिए काम कर चुके हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि मधु महाजन और बाला कृष्णन से सहमति लेने के बाद 2 अक्टूबर को उन्हें तैनात कर दिया जाएगा। इसके अलावा कानून व्यवस्था बिगड़ी तो पुलिस के भी विशेष ऑब्जर्वर को तैनात किया जाएगा। पोलिंग बूथ की संख्या बढ़ने से कर्मचारियों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन इसके बाद भी चुनाव आयोग पूरी तरह से निष्पक्ष चुनाव कराने को कटिबद्ध है।

कैमूर के डीएम को आयोग बनाएगा ब्रांड एंबेसडर
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील कुमार अरोड़ा ने कहा कि कैमूर के डीएम डॉ नवल किशोर को ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा। उन्हें लोगों के सामने नजीर के रूप में पेश किया जाएगा, जिससे मतदाताओं के दिल से कोरोना का डर बाहर निकाला जा सके। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि डीएम खुद डॉक्टर भी हैं और कोरोना काल में भी उन्होंने जिस तरह से काम किया है वह अपने आप में नजीर है। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में उन्हें लोगों के सामने पेश किया जाएगा और उनके संदेश से बताया जाएगा कि किस तरह से लोग कोरोना को मात देकर चुनाव को सफल बना सकते हैं। इसके अलावा 15 ऐसे सरकारी व अर्द्ध सरकारी विभागों को पोस्टल बैलेट की सुविधा इस बार दी जाएगी।

भीड़ जुटी तो डीएम और एसपी होंगे जवाबदेह
सुनील अरोड़ा का कहना है कि स्टार प्रचारक आता है या फिर किसी बड़े नेता की सभा में भीड़ होती है तो संबंधित जिलों के डीएम और एसपी से जवाब तलब किया जाएगा। डीएम और एसपी के साथ अन्य आला अधिकारियों की बैठक में इससे संबंधित निर्देश दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रत्याशियों के साथ आम लोगों से भी अपील की है कि कोरोना की गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाए।

सवाल दस साल से तैनात हैं मुख्य सचिव कैसे होगा निष्पक्ष चुनाव
निर्वाचन आयोग की टीम बिहार में चुनावी तैयारियों की समीक्षा करने आई थी। गुरुवार को दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने निष्पक्ष चुनाव को लेकर सवाल आया। सवाल था कि मुख्य सचिव दस साल से तैनात हैं और डीजीपी प्रभार वाले हैं। ऐसे में चुनाव की निष्पक्षता कैसे जांची जाएगी? इसपर मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील कुमार अरोड़ा ने कहा कि बिना किसी आरोप सिद्ध हुए हम कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। हालांकि उन्होंने गड़बड़ी पर कार्रवाई का संकेत पुरानी कार्रवाई को आधार बताते हुए दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा पूर्व में अन्य प्रदेशों में चुनाव के दौरान मुख्य सचिव से लेकर डीजीपी को भी रवाना किया गया है।


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