Sunday , May 16 2021
Breaking News

मजदूरों को 10 लाख लोन, जिसमें 5 लाख माफ: रोजगार शुरू करने के 12 माह बाद 84 किस्तों में देने होंगे 5 लाख, पोर्टल पर दर्ज करा लें नाम

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

पटना9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
  • बिहार के साढ़े नौ लाख मजदूरों की हो चुकी है स्किल मैपिंग
  • जो अपना रोजगार करेंगे, वो दो-चार लोगों को भी नौकरी दे सकेंगे

CM नीतीश कुमार ने बिहार के बाहर रहकर मजदूरी करने वालों से अपील की है कि वे चाहें तो वापस आ सकते हैं। सरकार उनके हुनर के मुताबिक उन्हें रोजगार करने के लिए लोन उपलब्ध कराएगी। ग्रामीण विकास मंत्री ने प्रवासी मजदूरों को जॉब कार्ड देने की बात कही है। स्किल्ड मजदूरों को रोजगार के लिए श्रम विभाग भी तैयारी कर रहा है। श्रम विभाग के मंत्री जीवेश कुमार ने बताया कि दूसरे राज्यों से आए साढ़े नौ लाख लोगों पंचायत स्कीतर पर स्किल मैपिंग कराई गई है। वो चाहें तो लोन लेकर अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं।

84 आसान किस्तों में लौटाने होंगे 5 लाख रुपए

मजदूरों को राज्य सरकार स्वयं का व्यवसाय करने के लिए 10 लाख रुपए का लोन मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के माध्यम से देने का काम कर रही है, ताकि आने वाले मजदूर अपने हुनर और कौशल के माध्यम से अपना व्यवसाय कर बिहार के अन्य और लोगों को भी रोजगार देने का काम करें। इस योजना के तहत 5 लाख की सब्सिडी मिलेगी। लोन लेने वाले को 5 लाख रुपए ही लौटाने होंगे, वह भी रोजगार शुरू होने 12 महीने बाद 84 आसान किस्तों में।

पोर्टल पर कराना होगा निबंधन

पिछले साल विभाग ने वापस लौटे प्रवासी मजदूरों को सरकार की योजनाओं से जोड़ने के लिए एक पोर्टल विकसित किया था। बिहार के सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में 14 लाख 87 हजार 23 रजिस्टर्ड मजदूर हैं। इनकी उम्र साठ साल तक है। ये सभी कंस्ट्रक्शन के अलावा दूसरा काम भी करते हैं। राजमिस्त्री, मजदूर, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर सहित कुशल मजूदर अपना नाम पोर्टल में रजिस्टर करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड की जरूरत होगी। पंचायत स्तर पर ही कुशल और अकुशल मजदूरों को रोजगार और लोन के बारे में बता दिया जाएगा।

कुशल और अकुशल श्रेणी में बांटकर मिलेगा काम

इस बार मजदूरों को कुशल और अकुशल दोनों श्रेणियों में बांटकर रोजगार दिया जाएगा। पंचायत, उद्योग, PHED, PWD जैसे विभागों से उनकी परियोजनाओं की जानकारी मांगी गई है, ताकि मजदूरों को ज्यादा से ज्यादा काम मिल सके।

पिछले साल बिहार में 11.22 लाख जॉब कार्ड बने

पिछले साल बिहार में 11.22 लाख जॉब कार्ड बने थे। इस बार भी तैयारी की जा रही है। मनरेगा के तहत आने वाले सभी ग्रामीण परिवार को एक जॉब कार्ड मिलता है, जिसमें घर के सभी वयस्क सदस्यों के नाम और फोटो होते हैं, जो काम कर सकते हैं। मनरेगा के नियमों के अनुसार अगर किसी घर के लोग स्थायी रूप से शहरी क्षेत्रों में चले गए हैं या किसी और ग्राम पंचायत में चले गए हैं तो उनका जॉब कार्ड रद्द कर दिया जाता है।

खबरें और भी हैं…

Source link

About divyanshuaman123

Check Also

रफ्तार ने ली युवक की जान: भोजपुर में हादसा; बाइक से पटना जा रहा था युवक, स्कार्पियो ने मारी टक्कर, मौत

रफ्तार ने ली युवक की जान: भोजपुर में हादसा; बाइक से पटना जा रहा था युवक, स्कार्पियो ने मारी टक्कर, मौत

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप भोजपुर9 …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *